मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भतीजी को हुआ कोरोना, AIIMS में चल रहा इलाज

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भतीजी को हुआ कोरोना, AIIMS में चल रहा इलाज

 

  • सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) का भी दो दिन पहले ही कोरोना टेस्ट हुआ था जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी.

 

 

पटना:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) की भतीजी को कोरोना होने की पुष्टि हुई है. मिली जानकारी के अनुसार उन्हें पटना के एम्स (AIIMS ) में भर्ती करवाया गया है जहां उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है.भतीजी की कोविड- 19 की जांच रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि होने के बाद उन्हें पटना एम्स में भर्ती कराया गया है, तो वहीं एक अणे मार्ग स्थित सीएम हाउस को सैनिटाइज किया जा रहा है. परिवार के अन्य सभी लोग भी होम क्वारंटीन हो गए हैं.

होम क्वारंटाइन में गए परिवार के लोग

जानकारी के अनुसार सोमवार देर रात को ही उनके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई. इसके बाद से ही सभी सदस्य होम क्वारंटाइन हो गए और उन्हें पटना के एम्स में भर्ती करवाया गया. हालांकि खबर ये भी है कि मुख्यमंत्री हर रोज की तरह काम करते रहेंगे.  बता दें कि दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी सैंपल लिया गया था, जिसके जांच के बाद उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी. वहीं, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी की भी जांच की गई थी और वह रिपोर्ट भी नेगेटिव ही आई थी.

डिप्टी सीएम का भी हुआ था कोरोना टेस्ट

दरअसल विधान परिषद के नवनिर्वाचित सदस्याें के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में अवधेश नारायण सिंह के साथ मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष भी शामिल हुए थे. शनिवार सुबह सभापति के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद पहल करके अपनी और संपर्क में रहने वाले अधिकारियों, कर्मियों की जांच करवाई थी. इन सबकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी.

जेडीयू नेता गुलाम गौस को हुआ कोरोना

गौरतलब है कि बिहार में काफी संख्या में अब कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, वहीं प्रतिदिन कोरोना वायरस से मौत का सिलसिला भी जारी है. जदयू के एमएलसी गुलाम गौस और उनकी पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव हो गई हैं. इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर हमला बोला है और कहा है कि  बिहार में कोरोना संक्रमण अप्रत्याशित रूप से बढ़ चुका है.

तेजस्वी का सीएम नीतीश कुमार पर निशाना

तेजस्वी यादव ने ट्वीट में लिखा, सरकार को कहीं कोई चिंता नहीं. ना जांच की, ना इलाज की. पूरा मंत्रिमंडल, प्रशासन और सरकार चुनावी तैयारियों में व्यस्त है. सरकार आंकड़े छिपा रही है. अगर सरकार नहीं संभली तो अगस्त-सितंबर तक स्थिति और विस्फोटक हो सकती है.

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