बिहार NDA में फैसले की घड़ी शुरू ? सुशील मोदी ने इशारों में चिराग पासवान पर हमला बोला, कहा- कमजोर लोग चुनाव से भाग रहे हैं

बिहार NDA में फैसले की घड़ी शुरू ? सुशील मोदी ने इशारों में चिराग पासवान पर हमला बोला, कहा- कमजोर लोग चुनाव से भाग रहे हैं

 

PATNA : क्या बिहार एनडीए में फैसले की घड़ी शुरू हो चुकी है. बिहार के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी के बयान से आज यही संकेत मिल रहा है. सुशील मोदी ने आज इशारों में अपनी सहयोगी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान पर ही हमला बोल दिया है. RJD का नाम लिये बगैर सुशील मोदी ने कहा कि कमजोर लोग चुनाव टालने की मांग कर रहे हैं. वैसे अगर बिहार विधानसभा का चुनाव टल भी जाये तो भी NDA तैयार है. सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या सुशील मोदी मान रहे हैं कि चिराग पासवान और उनकी पार्टी एनडीए का हिस्सा नहीं रही.

 

सुशील मोदी का निशाना –

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट किया है. उन्होंने कहा है कि चुनाव पर फैसला लेना चुनाव आयोग का काम है. NDA चुनाव आयोग के हर निर्देश का पालन करेगा. लेकिन कमजोर लोग चुनाव टालने का दबाव बना रहे हैं. सुशील मोदी ने ट्वीट किया है. “विधानसभा चुनाव समय पर हों या टल जाएँ, एनडीए आयोग के निर्णय का पालन करेगा. हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं, लेकिन जैसे कमजोर विद्यार्थी परीक्षा टालने के मुद्दे खोजते हैं, वैसे ही कुछ दल चुनाव टालने के लिए दबाव बना रहे हैं.”

एक दूसरे ट्वीट में भी सुशील मोदी ने बिहार में चुनाव को लेकर चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठाने वालों पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट किया है “बिहार विधानसभा के चुनाव में अभी तीन महीने की देर है.तब तक संक्रमण की क्या स्थिति रहेगी, यह कहना कठिन है. सारी स्थिति का आकलन कर कोई निर्णय करना चुनाव आयोग का काम है, इसलिए आयोग की तैयारियों पर अभी से राजनीतिक बयानबाजी नहीं होनी चाहिए.”

 

क्या चिराग पासवान को NDA का हिस्सा नहीं मानते सुशील मोदी

सुशील मोदी कह रहे हैं कि कमजोर लोग चुनाव टालने का दबाव बना रहे हैं और NDA हर स्थिति के लिए तैयार है. बिहार में चुनाव को लेकर चिराग पासवान ने भी बयान दिया. लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कोरोना की हालत को देखते हुए बिहार में चुनाव टालने की मांग की है. सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में RJD का नाम लिये बगैर चुनाव टालने की मांग करने वालों पर हमला बोला है. यानि उनके निशाने पर चिराग पासवान भी हैं.

 

ऐसे में सवाल ये है कि क्या सुशील मोदी मान चुके हैं कि चिराग पासवान कमजोर हैं और वे एनडीए का हिस्सा नहीं है. सवाल ये भी है कि क्या सुशील मोदी ने बीजेपी के आलाकमान के कहने पर ये बयान दिया है या फिर वे खुद एक बार फिर नीतीश कुमार के प्रवक्ता की भूमिका में हैं. कारण जो भी हो संकेत यही मिल रहा है कि बिहार NDA में अब फैसले की घड़ी शुरू हो चुकी है. देखना ये होगा कि लोक जनशक्ति पार्टी इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है.

 

 

 

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