बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के बीच डीपीओ ने सुधा दूध पाउडर का किया वितरण

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के बीच डीपीओ ने सुधा दूध पाउडर का किया वितरण

• आईसीडीएस के डीपीओ वंदना पांडेय ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

 

• कम्युनिटी किचन में काम करने वालों के बीच मास्क का वितरण

 

छपरा: सारण जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बच्चों के बीच आईसीडीएस की ओर से सुधा दूध पाउडर का वितरण किया जा रहा है। आईसीडीएस के डीपीओ वंदना पांडेय ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया तथा बाढ़ प्रभावित बच्चों के बीच सुधा दूध पाउडर का वितरण किया। साथ ही साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालित समुदायिक किचन में काम करने वाले कामगारों के बीच भी मास्क का वितरण किया गया तथा कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक किया गया। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य व पोषण के लिए दूध का वितरण किया जा रहा है। डीपीओ वंदना पांडेय ने बताया कि जिले के तरैया इसुआपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 225 बच्चों के बीच सुधा दूध पाउडर का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण और बाढ़ के इस संकट में विभाग लोगों की मदद के लिए हर संभव कोशिश में जुटी है ।बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए दूध का वितरण किया जा रहा ह। उन्होंने कहा कि दूध पाउडर की खासियत यह है कि इसमें विटामिन मिनरल समेत पौष्टिकता के सभी अवयव उपलब्ध है। बच्चों का कुपोषण दूर कर उन्हें सेहतमंद बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत शिविर में माताओं के लिए बच्चों को स्तनपान कराने के लिए विशेष सुरक्षित जगह की व्यवस्था की जा रही है जिससे नवजात बच्चों को स्तनपान कराने में सुविधा हो।

 

स्तनपान एवं ऊपरी आहार पर काउंसलिंग:

 

डीपीओ ने कहा कि बाढ़ राहत शिविर में आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा गर्भवती एवं बच्चों का नियमित टीकाकरण भी करवाया जा रहा है। साथ ही नवजात शिशुओं को 6 माह तक सिर्फ स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के माताओं की विशेष काउंसिलिंग की जा रही है । स्तनपान एवं ऊपरी आहार को जारी रखने के लिए लगातार सलाह दी जा रही है। स्तनपान से नवजात शिशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। 6 माह तक सिर्फ स्तनपान से ना केवल शिशु को फायदा होता है बल्कि माता को भी इससे कई तरह के रोगों से बचाव होता है।

 

बच्चों को दिया जा रहा है पौष्टिक आहार:

 

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेविकाओं द्वारा बच्चों को पौष्टिक आहार जैसे दलिया खिचड़ी हलवा तैयार करने में सहयोग किया जा रहा है। कम उम्र के बच्चों को उम्र आधारित आहार दिया जा रहा है। किशोरियों के बीच आयरन की गोली भी स्वास्थ विभाग के द्वारा वितरण किया जा रहा है। शिविरों तथा सामुदायिक रसोई में हाथ धोने साफ-सफाई साबुन का प्रयोग आदि व्यवहारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

कोरोना वायरस से बचाव को लेकर दी जा रही जानकारी:

 

डीपीओ वंदना पांडेय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग व आईसीडीएस के द्वारा कोविड-19 के संक्रमण से बचाव को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है लोगों को इससे बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं। इससे बचाव के लिए सामाजिक दूरी, मास्क का प्रयोग, हाथों की धुलाई, आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

 

इन बातों का रखें खास ख्याल:

• चापाकल के पानी को सेवन के पूर्व इसे अवश्य गर्म करें।

• चापाकल में क्लोरीन की गोली डाले आसपास ब्लीचिग का छिड़काव करें।

• सर्दी जुकाम व बदन दर्द की शिकायत पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें

• लंबे समय तक बुखार रहने पर चिकित्सक के परामर्श के अनुसार जांच करवाएं

• बिना चिकित्सक के सलाह के दवा व एंटीबायोटिक की खुराक न लें

• आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा व स्वच्छ रखें

• पानी जमा होने वाले स्थान पर डीडीटी व किरोसिन का छिड़काव करें।

• जलजमाव वाले क्षेत्र का पानी पीने से परहेज करें।

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