राज्य सरकार को राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ ने दी बडे़ आंदोलन की चेतावनी

राज्य सरकार को राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ ने दी बडे़ आंदोलन की चेतावनी

 

  • नियोजित शिक्षकों ने नई सेवाशर्त की प्रतियाँ जलाकर कहा-15वर्षों से ठग रहीं है बिहार सरकार
  • आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार को देंगे करारा जवाब

रिपोट:न्यूज़4बिहार

 

छपरा:- सारण जिले के बीआरसी मुख्यालयो पर आक्रोशित शिक्षकों ने नई  नियमावली की प्रति जलाते हुए सख्त नाराजगी के साथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।जिसका नेतृत्व राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष अजय कुमार यादव ने किया.

जहाँ मौके पर पहुंचे बिहार राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर गुड्डू ने सरकार की दोरंगी शिक्षाऔर शिक्षक नीति पर बरसते हुए कहा अपने संबोधन मे कहा कि सूबे की डबल इंजन की सरकार शिक्षकों के बुनियादी सवालों को हल करने के बजाय भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है जो अब नियोजित शिक्षकों के बर्दाश्त के बाहर है।वहीं उन्होंने कहा कि सत्ता के नशे मे मदहोश सरकार लोकतांत्रिक जनकल्याणकारी मांगों को कुचलते हुए नियोजित शिक्षकों के साथ हुए वार्ता के साथ वादाखिलाफी की है।जो शिक्षकों के साथ घोर अन्याय है।

 

इसके साथ ही राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश राज्य सचिव सुनील तिवारी ने कहा कि आनेवाले विधानसभा चुनाव में राज्यभर के शिक्षक कर्मचारी सरकार के विरोध मे गोलबंद होकर मतदान करने का काम करेंगे जो नीतीश मोदी सरकार को बिहार की सत्ता से उखाड़ बाहर करेगा।

इस बार शिक्षक झांसे मे आनेवाले नहीं है। वहीं इस अवसर पर सारण जिला राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डा.राजेश कुमार यादव ने कहा कि अब हमलोग इस बार मन बना लिए है कि आनेवाली नई सरकार से ही वेतनमान सहित सेवाशर्त लेंगे। सरकार ने नियोजित शिक्षकों को ठगने का काम की है जो अब वोट के चोट से ही सरकार को सबक सिखाएंगे।वहीं मौके पर उपस्थित आंदोलनकारी शिक्षकों को संकल्प दिलाते हुए सारण जिला संघ के सचिव मंजीत कुमार तिवारी ने कहा कि आईए,आज हम संकल्प लेते है कि जो सरकार शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करतीं है उसे सूबे की सत्ता से बाहर करेंगे.निश्चित ही वह नई सरकार हमारी होगी। इस अवसर पर नई सेवा शर्त की प्रतियां जलानेवालों मे मुख्यरुप से संघ के जिलाउपाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी अमित प्रकाश गिरि,अरविंद सिंह,बीरेंद्र सिंह,वीरेश राय ,रामबाबू राम,अरविंद भारती सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

error: Content is protected !!