15दिनों के पैरोल बाद वापस मंडल कारा सहरसा पहुंचे आनंद मोहन।

न्यूज़4बिहार :अपनी एकलौती पुत्री सुरभि आनंद और होनेवाले दामाद राजहंस की सगाई समारोह संपन्न कर और 97 वर्षीय वयोवृद्ध मां गीता देवी का आशीर्वाद लेकर 15 दिनों की पैरोल अवधि समाप्त होते ही कल संध्या वापस सहरसा जेल लौट गए पूर्व सांसद आनंद मोहन।उन्हें जेल तक वापस छोड़ने के लिए दोपहर से ही बड़ी संख्या में चाहने वालों की भीड़ जमा थी। स्वजन और शुभचिंतक भावुक और गमगीन नज़र आए पर पूर्व सांसद आनंद मोहन उत्साह से लवरेज थे।

उन्होंने वहां मौजूद लोगों को 15 फरवरी 23 को अपनी अधिवक्ता पुत्री सुश्री सुरभि आनंद की शादी और 24अप्रैल 2023 को बड़े बेटे विधायक चेतन आनंद की होने वाली सगाई का यह कहते हुए न्योता दिया कि इस बार सब कुछ अचानक हुआ इसलिए माफ करेंगे।

रिहाई के प्रश्न पर उन्होंने अपने संक्षिप्त जवाब में कहा कि मैंने पूर्व में ही कहा था -“जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है अच्छा हो रहा है, जो होगा अच्छा होगा”। प्रतीक्षा करें सब ठीक ही रहेगा।
यह पूछने पर कि कैसा बीता 15दिन? उन्होंने बताया कि आज़ादी श्रृष्टि के हर जीव को प्यारी है। मुझे, आपको और सबको। मैंने परिवार और समर्थकों के साथ पैरोल अवधि के एक- एक पल को इंज्वॉय किया है। यह सुयोग ही था कि 7 नवंबर को बेटी सगाई, 9 नवंबर को पत्नी का जन्म दिन और आखिरी दिन 19 नवंबर को बेटे चेतन आनंद का जन्म दिन मनाने का अवसर हासिल हुआ।इस बीच शादी और सगाई की तैयारियां भी चलती रहीं। श्री मोहन ने आगे कहा मैं अपने राजनीतिक साथियों, मीडिया के दोस्तों और समर्थकों से मिले प्यार और आत्मिक स्नेह से अभिभूत हूं।

उन्होंने फिर दुहराया कि जी कृष्णैया मामले में मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। इस वाकिया ने दो परिवारों को तबाह कर दिया। एक मेरा और दूसरा मरहूम डीएम जी कृष्णैया। चूंकि मेरे पुरखों की तीन- तीन पीढ़ियों ने आज़ादी और लोकतंत्र की स्थापना के लिए अपनी असीम कुर्बानियां दी, इसलिए बेगुनाह रहते मुझे तो लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताना ही था, सो मैंने खुद को नियति हवाले छोड़ बड़े धैर्य के साथ सज़ा काटी है और डेढ़ दशकों में स्वयं को साहित्य और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ कर ‘निर्गुण में सगुण’ की तलाशने की कोशिश की है।

उन्होंने अस्थाई निर्मुक्ति के लिए राज्य सरकार और दशकों तक अपने जेहन में जगह देने के लिए मीडिया और चाहने वालों का आभार व्यक्त किया।विदाई के वक्त वहां इकठ्ठे उदास लोगों से हंस कर जाते- जाते उन्होंने कहा सच और न्याय पर भरोसा रखें, सब अच्छा होगा।

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