बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार

बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार

• संक्रमण से बचाव के लिए अपने हाथों को स्वच्छ रखें

• नियमित तौर पर साबुन और पानी से अपने हाथों को धोएं

• भीड़-भाड़ से दूर रहें और दूसरों से उचित दूरी बनाकर रखें

 

छपरा: वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण का प्रसार तेजी से फैल रहा है। इससे बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से तमाम प्रयास किये जा रहें हैं। विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। ऐसे में हम सबको अपने व्यवहार में परिवर्तन लाने की जरूरत है। इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। बैनर-पोस्टर के माध्यम से मास्क के इस्तेमाल करने , फिजिकल डिस्टेसिंग, निजी और सामुदायिक स्वच्छता एवं हाथ धोने आदि पर विशेष जोर दिए जा रहे हैं. कोरोना से बचाव के जितने भी उपाय बताए गए हैं, उन्हें आसानी से अपनाया जा सकता है. लेकिन इसके लिए लोगों को अपने व्यवहार में परिवर्तन करना काफी जरुरी है. यद्यपि, कोरोना का संक्रमण चिंताजनक हो सकता है. लेकिन इससे बचाव को लेकर जो सामुदायिक व्यवहार परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं, यह आने वाले समय में कई रोगों से बचाव की सूत्रधार भी बन सकती है.

 

 

मास्क लगाने व 2 गज की शारीरिक दूरी रखने पर बल:

 

स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय के गाइडलाइंस में घर से बाहर भीड़ वाले स्थानों जैसे डेयरी, अस्पताल या दवाई दूकान या ऐसी ही अन्य जगहों पर कम से कम 6 फीट या 2 गज की शारीरिक दूरी रखने के लिए कहा गया है। कार्यस्थलों पर भी इन नियमों के पालन करने के लिए कहा गया है। साथ ही मास्क के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया गया है। मास्क संक्रमण की संभावना या श्वसन संबंधी रोगों की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण है।

 

 

सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें, अनावश्यक यात्रा न करें और समूह में न बैठें:

 

प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार शर्मा ने आमजनों से अपील करते हुए कहा आज के परिवेश में हम सबको अपने आदतों में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। कोरोना से बचाव में व्यवहार परिवर्तन बेहद जरूरी है। खांसते-छींकते समय अपनी हथेलियों को मुंह के सामने नहीं लाएं, बातचीत के दौरान लोगों से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें, अपने शरीर के तापमान और श्वसन लक्षणों की जांच नियमित रूप से करें, बुखार, सांस लेने में कठिनाई होने पर तुरंत डॉक्टर से संकर्प करने की जरूरत है। इसी तरह यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई सार्वजनिक स्थानों पर न थूके, अनावश्यक यात्रा न करे और समूह में न बैठे।

 

कोरोनावायरस संक्रमण से जुड़ी भ्रांतियों से बचें:

 

संक्रमण के इस काल में जब इस रोग को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैल रही हैं, सही जानकारी ही इसका बचाव है। ऐसी अफवाहों के फैलने से ना सिर्फ एक ही व्यक्ति बल्कि एक बड़ी आबादी खतरे में आ सकती है। ऐसे अफवाहों को रोकने की पुरजोर कोशिश समाज के हर स्तर पर होनी चाहिए। विशेष तौर पर ग्रामीणों को सही सूचनाओं को पाने में सजगता बरतनी चाहिए। इसके लिए राज्य स्तर पर टोल फ्री नम्बर 104 जारी किया गया है, जिसपर कॉल कर कोरोना के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी ली जा सकती है।

 

 

कोरोना वायरस से बचाव को लेकर व्यवहार में लाये परिवर्तन:

 

• व्यक्तिगत स्वच्छता और शारीरिक दूरी बनाए रखें.

• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.

• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल करें.

• साफ दिखनेवाले हाथों की भी अंतराल पर सफाई करें.

• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.

• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.

• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.

• बार-बार मास्क को ऊपर नीचे करने से बचें.

• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें.

• अपनी कोहनी के अंदरूनी हिस्से में छींके, अपने हाथों की हथेलियों में न खासें.

• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.

• अपने तापमान को और श्वसन लक्षणों की जांच नियमित रूप से कराये.

• अस्वस्थ्य महसूस करने पर (बुखार, सांस लेने में कठिनाई और खांसी) डॉक्टर से मिले.

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