होली में विशेष अभियान चलाकर नौनिहालों को पिलाई जायेगी “दो बूंद जिन्दगी की”

होली में विशेष अभियान चलाकर नौनिहालों को पिलाई जायेगी “दो बूंद जिन्दगी की”

• 0 से 5 साल तक बच्चों को पिलाई जायेगी पोलियो की खुराक
• राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने दिए निर्देश
• रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर लगेगी ट्रांजिट टीम


छपरा / 4 मार्च 2020। रंगों का त्यौहार होली में बाहर से घर आने वाले नौनिहालों को पोलिया की दवा पिलाई जायेगी। 0 से 5 वर्ष तक बच्चों को पोलियों की खुराक दी जायेगी। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने 23 जिलों के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि बिहार को पोलियो मुक्त हुए 9 साल 4 माह हो गया है। अभी तक आफगनिस्तान एवं पाकिस्तान जैसे देशों में पोलियो का संक्रमण जारी है। ऐसी स्थिति में राज्य में भी पोलियों के इम्पोर्टेशन का खतरा बना हुआ है। होली के दौरान बिहार में राज्य के बाहर से परिवारों का आगमन होता है। जिससे राज्य में भी पोलियो वायरस के आने की संभावना रहती है। ऐसे में होली के दौरान विषेश अभियान चलाकर बिहार आने वाले तथा जाने वाले बच्चों को पोलियों की खुराक पिलाने का निर्णय किया गया है.


5 दिनों तक चलेगा अभियान:
यह अभियान 5 मार्च से 10 मार्च तक चलेगा। इस दौरान रेलवे स्टेशनों पर आने व जाने वालें नौनिहालों को पोलिया की दवा पिलायी जायेगी। इसको लेकर ट्रांजिट का गठन किया गया है। । वहीं इसकी मॉनिटरिंग के लिए जिलास्तर पर टीम का गठन किया गया। मॉनिटरिंग टीम लगातार क्षेत्र का दौरा कर पोलियो अभियान की जांच करेगी।

एक भी बच्चा छूटने न पाये:

सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने बताया होली के दौरान बाहर से आने वाले 0 से 5 साल तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जानी है. इसको लेकर जिले में भी तैयारी पूरी कर ली गयी है. अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसके संबंध में निर्देशित भी किया गया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लक्षित बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना है. उन्होंने आम लोगों से अभियान के दौरान सहयोग करने की बात कही. उन्होंने बताया विश्व स्वास्थ्य संगठन की और से पोलियो फ्री इण्डिया का सर्टिफिकेट मिल चुका है।

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