भ्रष्टाचार एवं अराजकता से घिरे सन्हौला अस्पताल का जांच करने स्वयं पहुंचे सिविल सर्जन।

न्यूज4बिहार:भागलपुर जिले के सन्हौला प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला में व्याप्त अराजकता एवं भ्रष्टाचार की लगातार हो रही है जांच, इसी क्रम में 11 जनवरी को भी एक जांच टीम भागलपुर सिविल सर्जन खुद लेकर आए और अस्पताल में जांच शुरू कर दी जांच के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मामला मेरे संगीन में है जांच चल रहा है 10 दिन के अंदर ही बहुत बड़ी कार्रवाई होगी, मालूम हो इस मामले को लेकर इससे पहले दो बार जांच हो चुकी है अधिकारी आते हैं और जांच करके चले जाते हैं कोई निष्कर्ष निकाल ही नहीं पाते हैं, जबकि स्वास्थ्य प्रबंधक अपने काले कार्यों का कबूल ऑडियो में खुद कर चुके हैं इसके बावजूद पता नहीं वरीय अधिकारी को क्या लालच है इससे जो मामले का लागातर जांच कर के भी लीपापोती किया जा रहा है 28 दिसंबर को क्षेत्रीय अपर निर्देशक भागलपुर के द्वारा भी हेल्थ मैनेजर एवं अस्पताल प्रभारी के खिलाफ लगातार 4 घंटे तक चली जांच में बहुत सारे बड़े बड़े खुलासे हुए थे , जो सबको चौंका दिया था ,आपको बता दें कि इतने बड़े खुलासे के विषय में कभी किसी ने सोचा भी नहीं होगा । अब तो लाखों का घोटाला सामने आने लगा वही जांच में आये अधिकारी द्वारा यह बताया गया था कि हॉस्पिटल के अधिकांश कर्मचारी द्वारा यह कहा गया कि यह वायरल ऑडियो हेल्थ मैनेजर की है इस ऑडियो को जिस अस्पताल कर्मचारी पंकज कुमार ने रिकॉर्ड किया है उन्होंने भी कहा था यह ऑडियो मैंने खुद रिकॉर्ड किया है और यह हेल्थ मैनेजर का है , लेकिन वही हेल्थ मैनेजर ने कहा ऑडियो मेरा नहीं है सबसे बड़ी बात यह है हेल्थ मैनेजर कितने नासमझ साबित हो रहे हैं जब उनकी आवाज है उन्हें अपनी गलती को स्वीकार करना चाहिए उसके बाद भी वह अपने आप को बड़ा समझ रहे हैं। साथ ही विभिन्न और आरोपों का भी जांच हुआ सभी आरोप सत्य पाया गया। वही जांच में आए उच्च अधिकारी से यह भी जानकारी दे दिया गया की हेल्थ मैनेजर पत्रकारों को ही धमकाते हैं फर्जी वकालतनामा नोटिस भेजवाते हैं उच्च अधिकारी ने आश्वासन दिया कि बहुत जल्द हेल्थ मैनेजर एवं अस्पताल प्रभारी पर कार्रवाई होगी ताकि आगे कोई भी हेल्थ मैनेजर एवं अस्पताल प्रभारी इस तरह की गलती करने से पहले सोचे वहीं जांच में आया अधिकारी ने यह भी कहा था कि बहुत जल्द इन सारे विवादों से सन्हौला अस्पताल एवं यहां के हेल्थ कर्मचारी सबको मुक्त कर दिया जाएगा , लेकिन इस मामले में अस्पताल प्रभारी को तो सन्हौला अस्पताल से पद मुक्त कर दिया , जबकि स्वास्थ्य प्रबंधक ने काले कारनामे किए भ्रष्टाचार फैलाए एवं अस्पताल को जातिये समीकरण में लाने कि कोशिश भी किया गया , इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई ,कहीं ऐसा तो नहीं कि आडियो में कहीं बात के अनुसार किसी को कुछ करने की औकात नहीं क्यों कि मेरा पहुंच कई एमपी,एम एल ए एवं डीएम तक पहुंच है,यही वजह है कि इसकी वजह से कोई कार्यवाही नहीं हो रहा है। सबसे बड़ी बात तो ये है सन्हौला अस्पताल में हेल्थ मैनेजर के द्वारा सेटिंग पर हजारों की संख्या में फर्जी करोना वैक्सीन का जो सर्टिफिकेट बांटा गया है इस पर बड़ी जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की शख्त आवश्यकता है जबकि अभी तक नहीं हुआ है, जहां एक तरफ केंद्र सरकार सबको कोविड वैक्सीन लेने कि करते हैं वहीं दूसरी ओर भ्रष्ट हेल्थ मैनेजर के द्वारा वैक्सीन लिए बगैर सर्टिफिकेट जारी कर देते, अब आप ही बताइए कि इस भयानक कोविड से कैसे कोई लड़ सकेगा। अब देखना ये है कि आखिर कब तक ऐसे स्वास्थ्य प्रबंधक पर कारवाई की जाएगी। कहीं सिविल सर्जन का भी जांच रिपोर्ट पहुंच वाले हेल्थ मैनेजर के द्वारा मैनेज तो नहीं हो जाएगा ? बहुत बड़ा सवाल है ऐसा इसलिए लिखा जा रहा कि दो माह से ये मामला चल रहा है और काफी गंभीर मामला है क्योंकि आम आदमी को सरकारी स्वास्थ्य सेवा देने वाले अस्पताल का है और इस मामले को लेकर भाकपा एवं नौजवान सभा के द्वारा लागातर दो बार आन्दोलन धरना प्रदर्शन भी हो चुका है , जिला अधिकारी भी ये मामला संज्ञान गबमें है,इस मामले को लेकर भाकपा द्वारा सनहौला में महाचक्का जाम का भी अल्टीमेटम दिया गया था। विधि व्यवस्था ठीक करने को कहा गया था , वरीय अधिकारी का संतावना भी आया। लेकिन अब तक एक्शन नहीं लिया गया।

रिपोर्ट: – रुपेश कुमार राज भागलपुर

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