कोरोना के प्रति युवा भी बने जिम्मेदार, तभी संक्रमण रोकने में मिलेगी सफलता

कोरोना के प्रति युवा भी बने जिम्मेदार, तभी संक्रमण रोकने में मिलेगी सफलता

• युवाओं से है बदलाव की उम्मीद

 

• कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करना हम सबकी है जिम्मेदारी

छपरा। जिले में कोरोना संक्रमण का प्रसार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में के रोक रोकथाम के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन इसके रोकथाम के लिए अब युवाओं को भी आगे आने की जरूरत है। कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए युवाओं को ही आगे आना होगा। अब युवा वर्ग को इस स्थिति को सामान्य बनाने में अपनी भूमिका समझनी होगी और बढ़-चढ़कर आगे आना होगा।युवाओं के सामाजिक संगठन और ऐसी संस्थाएं आसानी से यह कार्य कर सकती हैं। चाहे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर कोरोना के बारे में समझाएं। उनका यह योगदान इस समय अहम साबित हो सकता है।

 

युवा ही ला सकते है बदलाव:

 

शहर के दौलतगंज निवासी युवा रितेश राय ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए व्यवहार परिवर्तन बहुत जरूरी है। लोगों को अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा तभी कोरोना संक्रमण से बचाव हो सकेगा। इस कार्य को युवा बखूबी निभा सकते हैं । युवा ही बदलाव ला सकते हैं। क्योंकि युवाओं की संख्या काफी ज्यादा है। इसलिए उन्हें इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।

 

 

लगातार लोगों को क्रोना से बचाव की जानकारी दे रहे हैं विजय:

 

युवा क्रांति रोटी बैंक के सदस्य विजय कुमार इस कोरोना कल में लगातार लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी दे रहे हैं तथा गलियों व सड़कों पर घूम घूम कर सैनिटाइजेशन का कार्य भी कर रहे हैं। इतना ही नहीं फुटपाथ पर सोने वाले गरीब व बेसहारा लोगों को भोजन भी उपलब्ध करा रहे हैं। जुनून व कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी बाधाएं पार की जा सकती हैं। ऐसा ही कुछ दिखाने में सक्षम हैं दून के तमाम यूथ व उनके संगठन, जिन्होंने समाज में जागरूकता फैलाने में नेक कदम उठाए हैं। यही नहीं, जहां तक आम आदमी की नजर नहीं पहुंच पाती है, वहां तक पहुंच कर ये बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

युवाओं को समझनी होगी अपनी जिम्मेदारी:

 

छपरा नगर पालिका चौक पर मोबाइल दुकान चलाने वाले युवा सनिश तिवारी कहते हैं कि हमने अपने शक्ति के अनुरूप कोरोना काल में लोगों को मदद पहुंचाई है। गरीबों को भोजन पानी व मास्क क इत्यादि उपलब्ध कराई है। इस कार्य में हमारे समाज को युवाओं को भी आगे आने की जरूरत है। युवाओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी तभी इस वैश्विक महामारी से निपटा जा सकेगा। क्योंकि युवा शक्ति में ही वह ताकत है जिसके बदौलत बदलाव की बयार लाई जा सकती है।

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