कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग एक मात्र उपाय नहीं, सामाजिक दूरियां कारगर साबित होगी

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग एक मात्र उपाय नहीं, सामाजिक दूरियां कारगर साबित होगी

 

•मास्क को हाथों से न छुएं

 

•6 घंटे तक ही मास्क का उपयोग करें

 

•स्वस्थ व्यक्ति के लिए मास्क जरूरी नहीं

•लक्षण दिखने पर हीं करने मास्क का प्रयोग

 

छपरा/8 अप्रैल। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर लोगों के जेहन में कई भ्रंतियाँ है। लोगों को मन मे यह बात बैठ गयी है कि मास्क का प्रयोग कर कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। दरअसल, कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इन दिनों हर कोई मास्क और सेनेटाइजर मांग रहा है। लोग मास्क लगाकर बाजारों में घूमते हुए और दूसरे लोगों के करीब जाकर बतियाते देखे जा रहे हैं। मास्क लगाने के बाद लोगों को लगता है कि अब संक्रमण का उन्हें खतरा नहीं है।मास्क का प्रयोग ही कोरोना से बचने का मात्र उपाय नहीं है। कोरोना वायरस से बचने के लिए सामाजिक दूरियां अपनाना सबसे कारगर साबित होगा। घरों में रहें सुरक्षित रहें।

 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी किया गाइड लाइन:

 

मास्क के उपयोग को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने गाइड लाइन जारी की है।जिसमे स्प्ष्ट किया गया है कि स्वस्थ्य व्यक्ति को मास्क का उपयोग करने की जरूरत नहीं है। गाइड लाइन अनुसार एक बार में अधिकतम छह घंटे तक ही मेडिकल मास्क का उपयोग करें। पहने हुए मास्क को बार-बार न छुएं। मास्क को बार-बार हाथ से छूने से मास्क से सुरक्षा कम हो जाती है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

 

 

हर किसी व्यक्ति को मास्क लगाना जरूरी नहीं:

 

सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा ने बताया कि हर किसी व्यक्ति को मास्क लगाना जरूरी नहीं है। मास्क विशेषकर उन लोगों को जरूरी है जो किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहा है या फिर किसी संक्रमित मरीज के संपर्क में आ गया हो। जो दूसरे व्यक्ति से मिलने के दौरान एक मीटर की दूरी रख रहा है, उसे मास्क लगाने की जरूरत ही नहीं है। ऐसे स्वस्थ व्यक्तियों को, जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं हैं, मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। लोग सुरक्षा के जरूरी उपायों जैसे बार-बार हाथ धोने और लोगों से दूरी बनाए रखने आदि की अनदेखी कर रहे हैं।

 

 

लक्षण दिखने पर करें मास्क का प्रयोग:

 

चिकित्साकर्मियों के अलावा बाकी लोग कफ, खांसी या बुखार होने पर, डॉक्टर को दिखाने जाते वक्त, किसी बीमार, संक्रमित व्यक्ति के परिवार के पास जाएं तो ही मेडिकल मास्क का इस्तेमाल करें।

 

 

मास्क लगाएं तो इन बातों का ध्यान रखें

 

•मास्क गीला हो जाए तो उसे तत्काल बदल दें।

•मास्क को गर्दन में लटका कर न रखें।

 

•मास्क को हटाते समय उसकी बाहरी सतह न छुएं।

 

•मास्क चेहरे से हटाते समय पहले उसकी नीचे वाली डोरी खोलें, उसके बाद ऊपर की डोरी को खोलें।

 

•एक बार इस्तेमाल के बाद मास्क को दोबारा काम में न लें।

 

•उपयोग के बाद मास्क को जला दें या जमीन में गहरा दबा दें।

 

जानिये एन-95 मास्क के बारे में:

 

एन95, एन99, एन100 और पी सीरीज यानी पी95 और पी100 आदि मास्क की विभिन्न श्रेणियां हैं। एन-95 कोरोना वायरस इंफेक्शन से बचने के लिए सबसे अच्छा माना गया है। ये मुंह और नाक पर अच्छी तरह फिट हो जाते हैं। यह मास्क 95 फीसदी कणों को रोकता है। इस वजह से इसे एन 95 नाम दिया गया। इसके अलावा डिस्पोजेबल मास्क सर्जिकल मास्क जैसे होते हैं। डिस्पोज़ेबल मास्क का इस्तेमाल 3 से 6 घंटों से से अधिक नहीं किया जाना चाहिए।

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