गर्भवती महिलाओं के एएनसी जाचं में बिहार में सारण को दूसरा स्थान

गर्भवती महिलाओं के एएनसी जाचं में बिहार में सारण को दूसरा स्थान

• जनवरी माह की रैंकिंग में सारण को मिला दूसरा स्थान

• एचएमआईएस पोर्टल पर ट्रेंड कर रहा है रैंकिंग

• लक्ष्य से अधिक महिलाओं की हुई एएनसी जांच

छपरा/ 13 मार्च। सारण में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच( एंटी नेटल चेकअप) सभी सरकारी अस्पतालों में की जाती है। महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। गर्भावस्था के दौरान महिलांए अपने व होने वाले बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सहज दिख रही हैं। सारण में जनवरी माह में 10605 गर्भवती महिलाओं का टोटल एएनसी जांच की गयी है। जो जिले के निधार्रित लक्ष्य से अधिक है। जनवरी माह में 109 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। एचएमआईएस के पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार सारण को पूरे बिहार में दूसरा स्थान हासिल हुआ है। प्रत्येक माह के 9 तारिख को लगता है कैँप:प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिले के सदर अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रत्येक माह के 9 तारिख को विशेष कैंप लगाकर गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जाँच की जाती है। इस दौरान महिलाओं में हीमोग्लोबीन, एचआइवी, वीडीआरएल, एचओवी, एसएजी, यक्ष्मा आदि की जांच की जाती है। वहीं, स्वच्छ पेयजल एवं शरीर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। गर्भवती महिलाओं की खून, पेशाब, की जांच नि:शुल्क जांच की जाती है । इसके अलावा सभी महिलाओं को नि:शुल्क आयरन की गोली, कैल्सियम और विटामिन की दवा दी जाती है।

आंकड़ों में जानिए…. प्रसव पूर्व जाँच की स्थिति ( जनवरी 2020):

• सदर अस्पताल- 1028

• परसा- 568

• दिघवारा- 409

• मशरक – 544

• मढौरा- 746

• मकेर- 236

• लहलादपुर- 219

• नगरा- 335

• जलालपुर 468

• छपरा सदर 604

• बनियापुर- 684

• तरैयां 354

• दरियापुर 743

• इसुआपुर- 366

• सोनपुर 655

• गड़खा- 638

• मांझी 606

• पानापुर 276

• एकमा- 472

• अमनौर 415

• रिविलगंज- 239

गर्भावस्था के दौरान विशेष देखभाल की आवश्यकता:सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा गर्भावस्था में प्रत्येक महिला को उसके हिमोग्लोबिन, आयरन एवं कैल्सियम की स्थिति पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। गर्भवती महिलाओं को सुपाच्य भोजन करने तथा नियमित टहलने पर जोर देने की आवश्यकता है । प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की जानकारी देते हुए कहा सरकार की सोच है कि गर्भावस्था में सही देखभाल हो। आवश्यकता के अनुसार गर्भवती महिलाओं को जरूरी पोषक तत्व मिले। ताकि शिशु मृत्यु दर में कमी हो। इस अभियान के तहत सारी सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। 3 माह से 9 माह के बीच की ही महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य चेकअप की जाती है।

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