पोषण अभियान के तहत सारण में 123472 बच्चों के बीच सुधा दूध का होगा वितरण 

पोषण अभियान के तहत सारण में 123472 बच्चों के बीच सुधा दूध का होगा वितरण 

• परियोजना वार दूध का किया गया आवंटन

 

• घर-घर जाकर बच्चों को दूध देंगी आंगनबाड़ी सेविका

 

• सारण में 123472 दूध पैकेट (200ग्राम) का होगा वितरण

 

 

छपरा। जिले में सितंबर माह को पोषण माह के रूप मे मनाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान तमाम गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। इसके अंतर्गत जिले में सिंतबर माह के दूध पैकेट का आंवटन कर दिया गया। परियोजना वार सुधा दूध पैकेट का आंवटन कर दिया गया है। इसको लेकर आईसीडीएस के अनुश्रवण पदाधिकारी सह प्रभारी पोषाहार पदाधिकारी सुगंधा शर्मा ने पत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। आईसीडीएस के डीपीओ वंदना पांडेय ने बताया कि कोरोना काल में भी बच्चों के बेहतर पोषण पर ध्यान दिया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण आंगनवाड़ी केंद्र बंद होने से आंगनबाड़ी सेविका द्वारा घर- घर जाकर सुधा दूध पाउडर का वितरण किया जाएगा। दूध पाउडर में मौजूद पोषक तत्व बच्चों को कुपोषण मुक्त एवं सेहतमंद बनाने में पूर्व से ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए दूध का वितरण किया जा रहा है।

 

 

घर-घर जाकर कर दूध का वितरण:

 

यहां बता दें कि ग्रामीण इलाकों में कुपोषण की दर में कमी लाने के लिए 03 से छह साल के बच्चों को 200 ग्राम दूध देने का प्रावधान किया गया है। कॉम्फेड द्वारा सुधा दुग्ध पाउडर की आपूर्ति की जा रही है। बच्चों में प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। कोरोना संक्रमण के कारण आंगनवाड़ी केंद्र बंद होने से आंगनबाड़ी सेविका द्वारा घर- घर जाकर सुधा दूध पाउडर का वितरण किया जा रहा है। प्रत्येक बच्चे को 18 ग्राम दूध पाउडर 150 मिलीलीटर शुद्व पेयजल में घोलकर पिलाने का प्रावधान किया गया है।

 

कुपोषण को दूर करने में माताओं की भूमिका अहम:

 

डीपीओ वंदना पांडेय ने बताया कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है, इसीलिए बेहतर समाज के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि हमारी इस पीढ़ी को अच्छा पोषण मिले और वह सुरक्षित रहे। सभी माताओं का यह दायित्व है कि बच्चों में कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए साफ सफाई बरती जाए, नियमित रूप से खाने से पहले व खाने के बाद हाथ धोया जाए, शौचालय करने के बाद हाथ पैर धोया जाय। कुपोषण की समस्या तभी दूर हो सकती है जब बच्चों को स्वच्छता से पूर्ण माहौल मिलेगा।

 

123472 लाभार्थियों के बीच होगा दूध का वितरण:

 

सारण जिले में 03 वर्ष से 06 वर्ष तक 123472 लाभार्थियों के बीच सुधा दूध पैकेट का वितरण किया जायेगा। जिले में 123472 पैकेट (200ग्राम) दूध का का आवंटन किया गया है। प्रखंडवार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दूध का उठाव कर लाभार्थियों के घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सेविकाओं को दी गयी है।

 

पोषण के प्रति जागरूक करेंगी सेविका:

 

पूरे सितंबर माह में आंगनबाड़ी सेविका कुपोषण के खिलाफ जागरूकता अभियान चलायेंगी। इस दौरान पोषण के प्रति बच्चों के माता-पिता व परिजनों को जागरूक किया जायेगा। इसके साथ पोषण के सभी सेवाओं को समुदायस्तर तक पहुंचायी जायेगी। घर- घर जाकर बच्चे के माता- पिता और दादा-दादी को पोषण के बारे में जानकारी देंगी तथा बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए प्रेरित करेंगी। इस दौरान बौनापन, कमजोर बच्चों की पहचान, एनीमिया व कम वजन वाले बच्चों की पहचान के बारे में भी जागरूक करने का निर्देश आंगनबाड़ी सेविका को दिया गया है।

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