एक हजार जनसंख्या पर 50 संभावित मरीजों की खोज होगी

प्रति एक हजार की आबादी पर दो मरीज मिलने पर टीबी मुक्त घोषित होगी पंचायत।

•ग्रामसभा द्वारा पंचायतों को किया जाएगा टीबी मुक्त करने का दावा।

छपरा,16 मई। राज्य सरकार द्वारा जिलों के पंचायतों को टीबी मुक्त अभियान के शुभारंभ के बाद जिला स्तर पर कवायद तेज कर दी गई है। अब राज्य सरकार ने पंचायतों को टीबी मुक्त करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत सभी पूर्व के प्रभावित पंचायतों का चयन किया जाएगा। चिह्नित पंचायतों में प्रति एक हजार जनसंख्या पर 50 संभावित मरीजों की खोज होगी। मरीज मिलने पर प्रतिवर्ष उस पंचायत में अभियान चलाया जाएगा। वहीं, प्रति एक हजार की आबादी पर दो अथवा इससे कम मरीज मिलने पर उक्त पंचायत को टीबी मुक्त घोषित किया जाएगा। जिसके लिए पंचायत से लेकर जिला स्तर की टीम समीक्षा करने के बाद ही सत्यापित करेगी।

ग्राम सभा द्वारा पंचायतों को किया जाएगा टीबी मुक्त करने का दावा:

जारी अधिसूचना के अनुसार टीबी मुक्त पंचायत के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा हर वर्ष जनवरी माह के पहले पखवाड़े में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति के सदस्य, एएनएम, सीएचओ तथा प्रखंड स्तरीय अधिकारी टीबी मुक्त पंचायत के लिए तय पूर्वपक्षित संकेतकों के आधार पर आकलन करेंगे। जिसके बाद प्रखण्ड पंचायत सभी पात्र (योग्य) ग्राम पंचायतों के दावों को पूर्वपक्षित संकेत सहित विहित प्रपत्र में जिला स्वास्थ्य समिति (यक्ष्मा) को अग्रसारित करेगी। तत्पश्चात जिला स्तरीय टीम उन दावों के आधार पर सत्यापन करेगी। जिसमें रिकार्ड रिव्यू, आशा, एएनएम, सीएचओ, एसटीएस आदि का इंटरव्यू एवं रोगी का साक्षात्कार शामिल होगा। जिला स्तरीय टीम में राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी या उनके प्रतिनिधि, सिविल सर्जन, जिला संचारी रोग पदाधिकारी, जिला पंचायत के प्रतिनिधि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, आईएपीएसएम के प्रतिनिधि सदस्य होंगे ।

पंचायत सतर पर गतिविधियों का करना होगा आयोजन:

ग्राम पंचायत स्तर पर टीबी मुक्त पंचायत घोषित करने के लिए पंचायत विकास योजना में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम संबंधित गतिविधियों को शामिल करना होगा।” समुदाय को टीबी के लक्षणों. जांच एवं उपचार की निःशुल्क व्यवस्था, सरकार द्वारा टीबी रोगियों तथा ट्रीटमेन्ट सपोर्टर को दिये जाने वाले लाभों के बारे में जानकारी देनी होगी। जन आरोग्य समिति, ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों की मासिक व त्रैमासिक बैठकों में टीबी पंचायत घोषित करने की शर्तों, संकेतकों पर प्रगति की टीबी मुक्त की समीक्षा एवं कठिनाइयों का समाधान हेतु प्रयास करना होगा। पंचायत एवं ग्राम स्तर पर टीबी मुक्त पंचायत घोषित करने के क्रम में पहचानी गई समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध संसाधनों की मैपिंग एवं सदुपयोग का प्रयास करना है। साथ ही, समाज के सक्षम लोगों द्वारा टीबी रोगियों को फूड बास्केट प्रदान करने हेतु प्रेरित कर निक्षय मित्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी करनी होगी ।

ग्राम पंचायतों के सहयोग से टीबी उन्मूलन का प्रयास :

टीबी मुक्त पंचायत पहल का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों के सहयोग से टीबी उन्मूलन की दिशा में कार्य करना है। जिसके तहत पंचायती राज संस्थाओं का सशक्तीकरण ताकि वे टीबी की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ कर आकलन कर सकें। स्थानीय व्यवस्थानुसार समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठा सकें। पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बने तथा पंचायतों द्वारा टीबी उन्मूलन में किये गए प्रयासों की सराहना की जाए। इसके लिए ग्राम पंचायतों के साथ आयोजित बैठकों में जिला के संचारी रोग पदाधिकारी (टीबी) एवं जिला पंचायती राज्य पदाधिकारी अथवा उनके प्रतिनिधि द्वारा कार्यक्रम की रूप रेखा, गतिविधियां एवं स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा एवं गैर सरकारी सहयोगी संगठनों, टीबी चैम्पियन, निक्षय मित्र आदि महत्त्वपूर्ण हितग्राहियों के बीच परस्पर समन्वयन, संवाद एवं साझा दायित्व पर जानकारी दी जाएगी।

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