जिंदगी की बेवक्त आने वाली शाम का मुख्य कारण है नशा: सिविल सर्जन

जिंदगी की बेवक्त आने वाली शाम का मुख्य कारण है नशा: सिविल सर्जन

 

सदर अस्पताल में मनाया गया विश्व तंबाकू निषेध दिवस

 

•बैनर पोस्टर के माध्यम से किया गया जागरूक

•सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों को किया जा चुका है तंबाकू मुक्त

 

• इधर-उधर थूकने पर जुर्माने का है प्रधान

 

छपरा। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल के ओपीडी में कार्यक्रम आयोजित कर मरीजों को तथा उनके परिजनों को तंबाकू के सेवन से होने वाले खतरनाक बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई तथा इसका सेवन करने से परहेज करने की बातें बताई गई। साथ ही सदर अस्पताल के ओपीडी, इमरजेंसी डीएचएस तथा अन्य कार्यालयों के बाहर बैनर पोस्टर लगाकर तंबाकू के सेवन से परहेज करने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा ने की।

इस मौके पर सिविल सर्जन डॉक्टर माधवेश्वर झा ने कहा कि नशा भले ही शान और लत के लिए किया जाता हो, पर यह जिंदगी की बेवक्त आने वाली शाम का भी मुख्य कारण है। लोग भले ही इसका मजा दिन भर के कुछ समय के लिए लेते हैं, लेकिन यह मजा कब लोगों लिए जिंदगी भर की सजा बन जाए, अंदाजा भी नहीं लगा सकते। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर पाबंदी है। मौके पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राम इकबाल प्रसाद, एनसीडीओ डॉ हरीश चंद्र प्रसाद, जीएनएम लीलावती देवी, राजकन्या, राजीव कुमार गर्ग, बंटी कुमार रजक समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।

 

 

तंबाकू का सेवन से शरीर के लिए खतरनाक:

 

कहा कि तंबाकू का सेवन से शरीर के लिए खतरनाक है। तंबाकू सिर्फ सेवन करने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि उनलोगों के लिए भी खतरनाक हैं जो तंबाकू सेवन करने वालों के आसपास रहते हैं।

सीएस ने कहा कि तंबाकू से न सिर्फ एक आदमी का स्वास्थ्य बिगड़ता है बल्कि पूरे परिवार के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

 

लोगों को जागरूक करना जरूरी:

 

सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा ने कहा कि लोगों को तंबाकू मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिये तथा सभी स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिए तंबाकू चबाने या धुम्रपान के द्वारा होने वाले सभी परेशानियों और स्वास्थ्य जटिलताओं से लोगों को आसानी से जागरूक बनाने के लिए पूरे विश्व भर में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस को आरंभ किया गया। तंबाकू के बारे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।

 

 

तंबाकू मुक्त घोषित किया जा चुका है सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय:

 

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने करीब डेढ़ महीने पहले जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय एवं परिसर को तंबाकू मुक्त घोषित कर दिया था। आदेश जारी कर तंबाकू अथवा कोई अन्य पदार्थ खाकर यत्र-तत्र थूकने पर छह माह का कैद अथवा 200 रुपये जुर्माने का निर्देश दिया गया है।

 

 

इधर-उधर थूकने पर लगेगा जुर्माना:

 

सारण जिले में तंबाकू या खाना खाकर यत्र तत्र थूकने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है । साथ ही 6 माह की जेल भी हो सकती है । इधर-उधर थूकने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा ज्यादा है। किसी भी सरकारी या गैर सरकारी कार्यालय एवं परिसर में किसी भी प्रकार का तंबाकू पदार्थ, सिगरेट, खैनी, गुटखा, पान मसाला, जर्दा आदि के उपयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित है।

 

इधर-उधर थूकना सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा:

 

तंबाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में से एक है। थूकना एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा है और संचारी रोग के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तंबाकू सेवन करने वाले की प्रवृति यत्र-तत्र थूकने की होती है। थूकने के कारण कई गंभीर बीमारी यथा कोरोना, इंसेफलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू आदि का संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। भा.द.वि. (IPC) की धारा 268 एवं 269* के तहत कोई भी व्यक्ति यदि महामारी के अवसर पर उपेक्षापूर्ण अथवा विधि विरूद्ध कार्य करेगा जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण हो सकता है तो उसे छह माह का कारावास एवं अथवा 200 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।

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