राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को किया गया जागरूक : डॉ दिलीप

डेंगू से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है: डॉ दिलीप

 

•राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को किया गया जागरूक

 

छपरा/ 16 मई: डेंगू से बचाव ही इसका सबसे बड़ा इलाज साबित होगा। डेंगू से बचाव के लिए सतर्क व सजग रहने की जरूरत है. बदलते मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। उक्त बातें जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार सिंह ने कही। उन्होंने कहा बरसात शुरू होते ही मच्छरजनित रोगों जैसे डेंगू एवं चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों से फैलने वाले इन दोनों रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए साथ स्वास्थ्य विभाग पहले से ही सतर्क है। प्रत्येक वर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस के रूप में मनाया जाता है, इस वर्ष के राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम- ‘‘इफेक्टिव कम्युनिटी इंगेजमेंट: की टू डेंगू कंट्रोल’’ है।

 

 

सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है जागरूक:

 

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार सिंह ने बताया वैश्विक महामारी कोविड-19 की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस दिवस पर किसी प्रकार की जागरूकता रैली या सभा का आयोजन नहीं किया गया है। कोविड-19 के मद्देनजर राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर आम जागरूकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि माध्यमों किया जा रहा है।

 

 

लक्षणों के प्रति सावधान रहने की जरूरत :

 

डीएमओ ने बताया कि डेंगू एवं चिकनगुनिया की बीमारी संक्रमित एडीस मच्छर के काटने से होती है। यह मच्छर सामान्यता दिन में काटता है एवं यह स्थिर पानी में पनपता है। डेंगू का असर शरीर में 3 से 9 दिनों तक रहता है। इससे शरीर में अत्यधिक कमजोरी आ जाती है और शरीर में प्लेटलेट्स लगातार गिरने लगती है। वहीँ चिकनगुनिया का असर शरीर में 3 माह तक होती है। गंभीर स्थिति में यह 6 माह तक रह सकती है। डेंगू एवं चिकनगुनिया के लक्षण तक़रीबन एक जैसे ही होते हैं। इन लक्षणों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।

 

क्या है लक्षण:

 

तेज बुखार, बदन, सर एवं जोड़ों में दर्द ,जी मचलाना एवं उल्टी होना ,आँख के पीछे दर्द. त्वचा पर लाल धब्बे/ चकते का निशान ,नाक, मसूढ़ों से रक्त स्त्राव ,काला मल का आना डेंगू एवं चिकनगुनिया के लक्षण है।

 

ऐसे करें बचाव:

 

• घर में साफ सफाई पर ध्यान रखें ,कूलर एवं गमले का पानी रोज बदलें

• सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें. मच्छर भागने वाली क्रीम का इस्तेमाल दिन में करें

• पूरे शरीर को ढंकने वाले कपडे पहने एवं कमरों की साफ़-सफाई के साथ उसे हवादार रखें

• आस-पास गंदगी जमा नहीं होने दें. जमा पानी एवं गंदगी पर कीटनाशक का प्रयोग करें

• खाली बर्तन एवं समानों में पानी जमा नहीं होने दें. जमे हुए पानी में मिट्टी का तेल डालें

• डेंगू के लक्षण मिलने पर तुरंत ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें

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