क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं है एमआरपी जूली

क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं है एमआरपी जूली

 

• कोरोना योद्धा बनकर लोगों मे फैला रहीं जागरूकता

• लॉक डाउन के दौरान जूली ने किया सराहनीय कार्य

 

छपरा। कोरोना संक्रमण के खिलाफ हर योद्धा अपने-अपने मोर्चे पर डटा हुआ है। ऐसे में आधी आबादी भी आपदा की इस घड़ी में घर के काम काज को निपटाकर शांत भाव से मानवता के खिलाफ जारी जंग में जीत के लिए दिन रात मेहनत करने में जुटी हुई हैं। छोटी-छोटी कोशिशों के सहारे घर-घर बड़ी-बड़ी कहानियां लिखी जा रही है। हम बात कर रहें सारण जिले के दिघवारा प्रखंड के जीविका समूह के एमआरपी (मास्टर रिसोर्स पर्सन) जूली कुमारी की। जिन्होने इस कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया है।

तीन वर्ष पहले जब दिघवारा की जूली कुमारी को जीविका के स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का मौका मिला तो उनके परिवार मे किसी को भी यह पता नहीं था कि आगे चलकर उनके क्षेत्र के सर्वंगीण विकास में जूली की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होगी l एक सदस्य के रूप मे समूह से जुड़कर जूली का व्यक्तित्व भी निखरा और नेतृत्व भी l सूक्ष्म बचत अपनाकर उन्होंने परिवार की आर्थिक समृद्धि का रास्ता बनाया l स्वयं सहायता समूह के धरातल से स्वास्थ्य, पोषण एवम् स्वच्छता पर मिली जानकरियो ने जूली के लिए एक नया रास्ता खोला। अब इसी जानकारी की मदद से वह जीविका की मास्टर रिसोर्स पर्सन के रूप मे चयनित हुई और आज अपने क्षेत्र मे स्वास्थ्य, पोषण एवम् स्वच्छता पर जागरूकता फैला रही है।

 

कोविड-19 से बचाव की दे रहीं जानकारी:

 

एमआरपी जूली कुमारी बताती हैं, वह अपने कलस्टर की सभी कम्यूनिटी मोबलाइजर, एचएससी और सीएनआरपी को कोविड-19 पर फोन द्वारा प्रशिक्षण देने का कार्य की है. कम्यूनिटी मोबलाइजर को कोविड-19 का लीफलेट बटवाने मे मदद किये ताकि सभी समूह की दीदी को सही जानकारी मिल जाये जिससे वह अपने परिवार को इस महामारी से बचा सके l

 

प्रवासियों की स्क्रिनिंग और क्वारेंटाईन कराने में की मदद:

 

जूली ने अपने कर्तव्यों के प्रति सर्मपित भाव से कार्य किया। उसने कुछ अलग काम करके अपने सहकर्मियों को भी प्रेरित किया है। जूली ने बाहर से आये सभी प्रवासियो को मुखिया और वार्ड सदस्य से मिलकर आइसोलेसन सेंटर मे रखवाने और उनकी जांच कराने मे भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रखंड स्तर पर मास्क निर्माण और उसको बाजार मे बेचवाने मे भी अपना सहयोग किया है। साथ हीं बिना राशन कार्ड वाले परिवार के राशन कार्ड बनवाने और प्रखंड कार्यालय मे डाटा इंट्री कराने मे भी अपनी सहभागिता सूनिश्चित की हैl

 

स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान:

 

जूली अपने कलस्टर की सभी कम्यूनिटी मोबलाइजर, एचएससी और समूह की दीदी को अपने परिवार के स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता पर ध्यान देने और अपने घर के बच्चों, बूढों और गर्भवती महिलाओ के स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के बारे मे जानकारी दे रही हैं। जूली ने बताया उनके कलस्टर मे जो भी कोरोना पाजिटिव केस के बारे मे जानकारी मिली उसे प्रखंड कार्यालय को सूचित किया और उसको अस्पताल तक पहुंचाने मे सहयोग प्रदान की l समूह मे जाकर समूह की दीदी को साबुन से हाथ धोने के 6 चरण के बारे मे बताया और इसके महत्व के बारे मे बताया और मास्क का उपयोग करने और 1 मीटर की दुरी बनाकर रखने और अनावस्यक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी l

 

जूली के कार्य की अधिकारी ने की सराहना:

 

जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक विनय कुमार सिंह ने बताया जूली अपने कार्यों के बदौलत एक अच्छी पहचान बना चुकी है। कोरोना महामारी में उसका योगदान काफी सराहनीय है। उसने अपनी ड्यूटी के अलावां कई सामाज व लोगों के लिए कई अलग कार्य किये हैं। जूली गांव-गांव जाकर लोगों कोरोना से बचाव के लिए जागरूक कर रहीं है। साथ हीं साथ जीविका समूह के कर्मियों को भी प्रशिक्षित कर रहीं है। उनके कार्यों से और लोगों की प्रेरणा लेने की जरूरत है।

 

ये रही हैं जूली की उपलब्धियां:

• 328 समूहों में जागरूकता अभियान

• 30 प्रवासियों की मदद

• 3608 महिला सदस्यों को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता की जानकारी

• 80 जीविका दीदीयों को राशन कार्ड बनवाने में मदद

• 4 दीदी को मास्क बनाने में मदद

• जीविका दीदीयों ने 900 मास्क बनाकर बेचा

• 80 मास्क फ्रेम बंटवाया गया

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