सदर अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए समुचित स्क्रीनिंग और परामर्श की सुविधा उपलब्ध: डॉ. भूपेंद्र

• होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र की टीम कर रही स्क्रीनिंग

• ग्रामीण इलाकों में भी कैंप लगाकर किया जायेगा जागरूक
• सदर अस्पताल के ओपीडी में 9 से 5 तक मिल रही स्क्रीनिंग की सुविधा
छपरा,22 नवंबर । अब सदर अस्पताल में कैंसर के मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया करायी जायेगी। कैंसर मरीज के उचित इलाज तथा परामर्श के लिए सदर अस्पताल स्थित टाटा मेमोरियल की शाखा कार्य कर रही है। बिहार सरकार, नेशनल हेल्थ मिशन के साथ कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चला रहा है। इससे कैंसर को समय पर पहचान कर इससे होने वाली मृत्यु को कम किया जा सकता है। इस प्रोग्राम में 3 तरह के कैंसर की स्क्रीनिंग की जाती है। जिसमें मुख का कैंसर, स्तन कैंसर और गर्भाशय के मुख का कैंसर है। एनसीडीओ डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल के ओपीडी में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक प्रतिदिन कैंसर मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए टाटा मेमोरियल मुजफ्फरपुर की टीम आ चुकी है। जिले में कैंसर के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण स्तर पर कैंप लगाकर लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक किया जायेगा और मरीजों की स्क्रीनिंग कर समुचित इलाज की व्यवस्था की जायेगी।

गुटखा खाने से होता है माउथ कैंसर:
एनसीडीओ डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि तीन तरह के कैंसर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिसमें मुंह कैंसर, स्तन कैंसर और गर्भाश्य कैंसर शामिल हैं । अगर माहवारी बंद होकर फिर से शुरू हो जाये तो सर्वाइकल कैंसर हो सकता है।अगर स्तन में गांठ हो तो जांच कराना जरूरी है। गुटखा खाने से मुंह का कैंसर होता है। अगर 4 उंगली से कम मुंह खुले या कोई घाव 1 माह से ज्यादा हो जाये और न ठीक हो तो चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए धूम्रपान और गुटखा को त्याग करना पड़ेगा।

कैंसर से बचना हो तो खानपान का विशेष ध्यान रखें:
होमी भाभा कैंसर अस्पताल व रिसर्च सेंटर की डॉ. शेबि ने बताया कि कैंसर लाइलाज नहीं है। यह बस जागरूकता की कमी से फैल रहा है। शुरुआती चरणों में इस पर काबू करना बेहद आसान है। लेकिन इसकी जांच के लिए बायोप्सी आवश्यक । रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी को लेकर गलत धारणाओं से लोग इसके इलाज से बचते हैं। ऐसे में लापरवाही से कैंसर अंतिम चरण में पहुंचकर लाइलाज हो जाता है। डॉ. शेबि ने बताया कि शरीर में किसी गांठ, घाव या बीमारी की एक माह से ज्यादा अनदेखी नहीं करें। तुरंत विशेषज्ञ से मिलें और कैंसर की जांच कराएं। कैंसर से बचना हो तो खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। धूम्रपान, शराब के अधिक सेवन व फास्ट फूड से नुकसान होता है। कैंसर का उपचार चल रहा हो तो शरीर को प्रोटीन की सर्वाधिक आवश्यकता होती है। आहार में फायबरयुक्त सामग्री, फल आदि का समावेश होना चाहिए। प्राकृतिक आहार शरीर के लिए लाभदायी होता है।

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