सोशल मीडिया पर कोरोनावायरस को लेकर अफवाह नहीं फैलायें: जिलाधिकारी

सोशल मीडिया पर कोरोनावायरस को लेकर अफवाह नहीं फैलायें: जिलाधिकारी

• बिना पुष्टि के अफवाह फैलाने पर होगी कार्रवाई

• सारण में एक भी पॉजिटिव केस नहीं

• सोशल मीडिया पर जिला प्रशासन की पैनी नजर

छपरा/20 मार्च: कोरोनावायरस को लेकर सोशल मीडिया में फ़ैल रहे अफवाहों के प्रति सतर्कता बरती जा रही है. इसको लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने आम लोगों से अपील की है. उन्होंने नोवेल कोरोनावायरस को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह नहीं फ़ैलाने की अपील की है. उन्होंने बताया अफवाहों से समाज में कोरोना को लेकर भय का माहौल बन रहा है।

सोशल मीडिया में प्रायः यह देखने को मिल रहा है कि अमूक जगह कोरोना का संदिग्ध केस मिला है, जैसी खबरें चलायी जा रही है। उन्होने कहा कि सिविल सर्जन, अनुमण्डल पदाधिकारी या स्वयं जिलाधिकारी के बिना पुष्टि के इस तरह की खबरे सोशल मीडिया पर नहीं चलायी जाय। कोरोना को लेकर चलायी जा रही सभी खबरों पर जिला प्रशासन की पैनी नजर बनी हुयी है। बिना पुष्टि के अफवाह वाली खबरों के चलाये जाने पर सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्रवाई करने का निर्देश जिलाधिकारी के द्वारा दिया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन पुरी मुस्तैदी से लगा हुआ है। प्रत्येक स्तर पर प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है और जरूरी निर्देश दिये जा रहे हैं। सारण जिला के लिए अच्छी बात यह है कि अभी तक कोरोना वायरस के संक्रमण संबंधी कोई पोजीटिव मामला नहीं पाया गया है। संक्रमण को लेकर अफवाह फ़ैलाने वालों के खिलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई: जिलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम के तहत किसी भी व्यक्ति, संस्था, संगठन को अख़बारों, टेलीविजन या सोशल मीडिया के जरिए कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह के अफवाह फ़ैलाने की छूट नहीं होगी. यदि किसी व्यक्ति, संस्था, संगठन को अफवाह फ़ैलाने में दोषी पाया जाता है, तब उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।अधिनियम का अनुपालन नहीं करने पर पेनाल्टी: यदि किसी व्यक्ति, संस्था, संगठन को अधिनियम में उल्लेखित किसी भी नियम को नहीं मानने का दोषी पाया जाता है, तब भारतीय पैनल कोड( 1680 का 45) के तहत क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिसमें जिलाधिकारी दोषी व्यक्ति, संस्था, संगठन के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।

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