छपरा: सोशल मीडिया पेज छपरा बिट्स ने रक्त वीरों का उड़ाया मजाक,हो सकती है प्राथमिकी दर्ज

छपरा: सोशल मीडिया पेज छपरा बिट्स ने रक्त वीरों का उड़ाया मजाक,हो सकती है प्राथमिकी दर्ज

 

 

 

कोरोना काल में रक्तदान करने वाले किसी मसीहा से कम नहीं है. ऐसी स्थिति में रक्तदान कर उनके द्वारा अनेक लोगों का जीवन बचाया जा रहा है. वही छपरा बीट्स नमक एक सोशल पेज के द्वारा सोशल साइट पर यह कमेंट पास करना कि छपरा में 3 तरह के लोग थोक भाव में मिलते हैं- समाजसेवी, युवा नेता और रक्तदान करने वाला. यह कितनी ओछी मानसिकता का परिचायक है. यह समझ पाना मुश्किल है. ऐसे घटिया मानसिकता के लोग किसी का दुख दर्द समझ तो नहीं सकते और ना ही किसी की मदद के लिए आगे आ सकते हैं. हां, लोगों का मनोबल तोड़ना इनकी फितरत में शामिल होता है. क्योंकि यह खुद मानसिक रूप से टूटे हुए लोग होते हैं. भगवान बचाए ऐसी ओछी मानसिकता के लोगों से जो अपना कदम तो बढ़ाते नहीं, लेकिन दूसरों का कदम पीछे खींचने में सबसे आगे होते हैं.

 

 

छपरा बीट्स के इस पोस्ट पर नाराजगी जताते हुए कुछ रक्तदाता संगठनो एवं समाजसेवियों ने छपरा बीट्स के ऊपर केस दर्ज कराने के लिए बात कही है.

 

 

लायंस यंगेस्टर गजानंद के अध्यक्ष अमरनाथ ने कहा कि बहुत ही शर्मनाक बात है ,ऐसे लोग कुछ नहीं करते ना इनको रक्त के बारे में कुछ पता होता है ,लोगों का मनोबल तोड़ना इनकी फितरत में शामिल होता है.

 

ब्लड फॉर सारण के अभय कुमार ने कहा कि रक्तदान को लेकर सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाया जा रहा है,जिसका नकारात्मक प्रभाव हमारे साथ जुड़कर स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले व्यक्तियों पर पड़ रहा है और उनके अंदर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गयी है।विदित हो कि छपरा के बहुत से सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से समय-समय पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता रहा है,जिससे शहर में जरूरतमंदो को रक्त उपलब्ध हो पाती है और उनकी जीवन बच पाती है।ऐसे पुनीत कार्य पर इनके द्वारा विवादास्पद प्रश्नचिन्ह खड़ा किया जा रहा है।

 

 

जय नाथ बाबा ब्लड डोनर ग्रुप के संस्थापक सरोज सिंह ने कहा कि ऐसे ऐसी ओछी मानसिकता के लोगों से जो अपना कदम तो बढ़ाते नहीं केवल खींचते है ,रक्तदान महादान का काम है . जिला प्रशासन करवाई करना चाहिए ऐसे लोगों पर,ऐसे पोस्ट से रक्त वीरों का मनोबल कम होगा ..

error: Content is protected !!